'मनुष्य का सबसे प्रथम गुण साहस है। साहसी की प्रतिभा के सामने शोक, भय भाग जाते है। साहसी को संसार भी रास्ता दे देता है। मनुष्य में सब गुण हो वह विद्वान हो, धनवान हो, शक्तिशाली हो, पर यदि उसमें साहस न हो तो वह अपने सद्गुणों का अपनी योग्यताओं व अपनी शक्तियों का उपयोग नहीं कर सकता। साहस मनुष्य के व्यक्तित्व नायक है। साहस व्यक्ति को निर्भय बनाता है और जहाँ निर्भयता होती है, वहाँ सफलता निश्चित है। निर्भयता से ही आत्मविश्वास जाग्रत होता है।'
‘बाज़ार में कभी–कभी आवश्यकता ही शोषण का रूप धारण कर लेती है।’ — इस कथन को उदाहरण सहित ‘बाज़ार–दर्शन’ पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए।
'यह दंतुरित मुस्कान' कविता में शिशु से मिलकर कवि को कैसी अनुभूति होती है ?
'संगतकार' कविता के माध्यम से कवि ने किस सत्य को उजागर किया है ?
किशोरों में बढ़ती स्क्रीन लत — इस विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
यशोधर बाबू की पत्नी मुख्यतः पुराने संस्कारों वाली थी, फिर किन कारणों से वह आधुनिक बन गई ? उसके इस आचरण पर यशोधर बाबू की क्या प्रतिक्रिया थी ?