'खीर' का तत्सम रूप है :
Step 1: शब्द का मूल रूप.
'खीर' शब्द संस्कृत के 'क्षीर' शब्द से उत्पन्न हुआ है। 'क्षीर' का अर्थ है दूध।
Step 2: तत्सम और तद्भव.
संस्कृत का वही रूप जो हिंदी में बिना परिवर्तन के प्रयोग होता है, उसे तत्सम कहा जाता है। जबकि परिवर्तित रूप तद्भव कहलाता है।
Step 3: निष्कर्ष.
'खीर' तद्भव रूप है और इसका तत्सम रूप क्षीर है।
पशु पर्व में हट्टे-कट्टे पशुओं का प्रदर्शन किया जाता है। (रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए।)
तताँरा नीचे की तरफ खिसलने लगा। (क्रिया-विशेषण पदबंध छाँटकर लिखिए।)
भाई साहब ने अपने दरजे की पढ़ाई का भयंकर चित्र खींचा था। (रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए।)
वह इतनी-सी बात भी समझ नहीं सकता है। (क्रिया पदबंध छाँटकर लिखिए।)
उन्होंने बौद्ध धर्म का प्रचार अपने पूरे जीवन भर खूब किया ।