'कर्ण' का तद्भव है—
Step 1: सिद्धान्त.
तद्भव वह रूप है जो लोक-भाषाओं में विकसित हुआ हो।
Step 2: रूप-सम्बन्ध.
संस्कृत 'कर्ण' (ear) का तद्भव हिन्दी में कान होता है। अन्य विकल्प अर्थ/रूप से मेल नहीं खाते।
निम्नलिखित में से कार्यालयी पत्र-व्यवहार का उदाहरण नहीं है –
सरकारी / कार्यालयी पत्र व्यवहार हेतु पत्र लिखते समय निम्नलिखित बिंदुओं का उचित (पहले से बाद का) क्रम होगा –
(A) विषय
(B) प्रापक
(C) स्वनिवेदक
(D) संबोधन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
व्युत्पत्ति की दृष्टि से निम्नलिखित शब्दों को तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) कटोरा
(B) कपूर
(C) गदहा
(D) स्टेशन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
जिसकी पत्नी साथ नहीं हो वाक्यांश के लिए उचित एक शब्द है –
इनमें से एकार्थक का उदाहरण है –