कर्मनाशा की हार कहानी के प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।
कर्मनाशा की हार - प्रमुख पात्र का चरित्र चित्रण:
'कर्मनाशा की हार' कहानी में प्रमुख पात्र एक ऐसे व्यक्ति का चित्रण है जो अपने जीवन में असफलताओं का सामना कर रहा है। वह समाज और अपने परिवार से हार के बावजूद एक नई उम्मीद की तलाश करता है। उसका संघर्ष यह दर्शाता है कि जीवन में किसी भी स्थिति में हार मानना नहीं चाहिए। उसकी पात्रता में आत्मसंघर्ष, विश्वास और आशावाद की गहरी भावना है, जो उसे जीवन की कठिनाइयों से जूझने की ताकत देती है।
इस पात्र की असफलता उसे कमजोर नहीं बनाती, बल्कि यह उसे और मजबूत करती है। यह पात्र जीवन के संघर्षों को आत्मसात करता है और यह संदेश देता है कि आत्मविश्वास और संघर्ष ही जीवन के सच्चे नायक होते हैं।
“बिसनाथ को अपने गाँव बिस्कोहर से जो लगाव है वह मूलतः मनुष्य की अपनी स्मृतियों के प्रति लगाव का ही एक रूप है।” ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर सोदाहरण टिप्पणी कीजिए।
हिंदी के निम्नलिखित उपन्यासों को उनके प्रकाशन वर्ष के अनुसार पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) परीक्षा गुरु
(B) गोदान
(C) चंद्रकांता
(D) भाग्य लक्ष्मी
(E) मैला आँचल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
जन्मवर्ष के अनुसार निम्नलिखित रचनाकारों को पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) कबीरदास
(B) तुलसीदास
(C) केशवदास
(D) सूरदास
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
सूची-I को सूची-II से संबद्ध कीजिए :
| सूची-I (लेखक) | सूची-II (रचना) |
|---|---|
| (A) जयशंकर प्रसाद | (III) कामायनी |
| (B) सुमित्रानंदन पंत | (IV) उच्छवास |
| (C) महादेवी वर्मा | (I) यामा |
| (D) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | (II) राम की शक्ति पूजा |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
अलंकार के निम्नलिखित उदाहरणों को अनुप्रास, उपमा, रूपक और सलेश के क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(A) रवि तजु तृण तृण तरु तमाल तरुवर बहु छाए ।
(B) रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती, मानुष, चून।।
(C) सिंधु सा विस्रुत और अथाह ।
(D) चरण-कमल बंदौं हरिराय।।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –