‘काले मेघा पानी दे’ पाठ में मेहंक मंडली पर पानी फेंकना जीजी की दृष्टि में पानी पाने के लिए पानी के लिए बीज बोना है। क्या आप भी जीजी के इन विचारों से सहमत हैं? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
‘काले मेघा पानी दे’ पाठ में जीजी का दृष्टिकोण प्रतीकात्मक और अनुभव-संपन्न है। उनके अनुसार ‘बीज बोना’ यानी कठिन समय में विश्वास बनाए रखना और कोशिश करते रहना।
पानी फेंकने की क्रिया तर्क से परे लग सकती है, लेकिन उसमें छिपा संदेश है — सामूहिक प्रयास, परंपरा और प्रकृति से प्रार्थना। मैं जीजी के विचारों से आंशिक रूप से सहमत हूँ क्योंकि यह क्रिया केवल पानी की प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि मनोबल बनाए रखने और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है।
आज विज्ञान-आधारित समाधान आवश्यक हैं, लेकिन विश्वास और भावनात्मक सहयोग भी उतना ही ज़रूरी है।
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