Question:

‘जूझ’ कहानी में छात्रों को अनुशासन में रखने के लिए अध्यापकों द्वारा किए जाने वाले कठोर व्यवहार का उल्लेख किया गया है। आपकी दृष्टि में क्या छात्रों के साथ इस प्रकार का व्यवहार उचित है? वर्तमान समय में इसमें क्या परिवर्तन आया है? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।

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तर्कपूर्ण उत्तर में तुलना और वर्तमान संदर्भ से जुड़ाव आवश्यक होता है।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘जूझ’ कहानी में पुराने समय के अनुशासन का चित्रण है जहाँ कठोरता को अनुशासन का पर्याय माना जाता था। उस समय छात्रों को नियंत्रित करने के लिए डांटना, मारना या डराना सामान्य माना जाता था। यह पद्धति अनुशासन के नाम पर मानसिक और भावनात्मक दमन का रूप धारण कर लेती थी।
आज के संदर्भ में यह प्रवृत्ति अमानवीय मानी जाती है। वर्तमान समय में शिक्षा मनोविज्ञान पर आधारित है, जहाँ छात्रों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता, विचार अभिव्यक्ति और सीखने की गति को महत्व दिया जाता है। कठोर अनुशासन की जगह संवाद, प्रेरणा और सकारात्मक दृष्टिकोण को अपनाया जाता है।
इसलिए, ऐसे अनुशासन का स्थान अब संवेदनशील और सहायक शिक्षक-छात्र संबंध ने ले लिया है। कठोरता से शिक्षा नहीं, बल्कि संवाद और समझदारी से अनुशासन का निर्माण होता है।
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