'इत्यादि' का सही सन्धि-विच्छेद है
Step 1: शब्द की संरचना.
'इत्यादि' का निर्माण 'इति' + 'आदि' से हुआ है।
'इति' का अर्थ है "इस प्रकार" और 'आदि' का अर्थ है "और अन्य"।
Step 2: सन्धि का विश्लेषण.
'इति' और 'आदि' के मेल से 'इत्यादि' बनता है। यहाँ 'इ' और 'आ' के मिलने से 'या' ध्वनि उत्पन्न होती है।
Step 3: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) इति + आदि – सही उत्तर।
(B) इत् + यदि – गलत, यह 'इत्यादि' का रूप नहीं है।
(C) इत्य + आदि – गलत है, यह शब्द का मूल विच्छेद नहीं है।
(D) इनमें से सभी – गलत है क्योंकि केवल (A) सही है।
Step 4: निष्कर्ष.
इस प्रकार सही उत्तर है (A) इति + आदि।
निम्नलिखित में से कार्यालयी पत्र-व्यवहार का उदाहरण नहीं है –
सरकारी / कार्यालयी पत्र व्यवहार हेतु पत्र लिखते समय निम्नलिखित बिंदुओं का उचित (पहले से बाद का) क्रम होगा –
(A) विषय
(B) प्रापक
(C) स्वनिवेदक
(D) संबोधन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
व्युत्पत्ति की दृष्टि से निम्नलिखित शब्दों को तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) कटोरा
(B) कपूर
(C) गदहा
(D) स्टेशन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
जिसकी पत्नी साथ नहीं हो वाक्यांश के लिए उचित एक शब्द है –
इनमें से एकार्थक का उदाहरण है –