हमारे बुजुर्ग : हमारा सम्मान
संकेत-बिंदु: • समाज में बुजुर्गों की वर्तमान स्थिति • अनुभवों का खजाना • बुजुर्गों के प्रति कर्तव्य
हमारे बुजुर्ग : हमारा सम्मान
हमारे बुजुर्ग परिवार और समाज की नींव होते हैं, परंतु आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई है। एकल परिवारों के चलन और युवा पीढ़ी की व्यस्तता के कारण वे अक्सर अकेलापन और उपेक्षा महसूस करते हैं। यह दुखद है, क्योंकि हमारे बुजुर्ग अनुभवों का चलता-फिरता खजाना हैं। उन्होंने जीवन के जो उतार-चढ़ाव देखे हैं, उनका ज्ञान किसी भी किताब में नहीं मिल सकता। उनकी सलाह और अनुभव हमारे जीवन-पथ को सुगम बना सकते हैं।
बुजुर्गों के प्रति हमारा यह परम कर्तव्य है कि हम उन्हें सम्मान और प्रेम दें। हमें उनके साथ समय बिताना चाहिए, उनकी बातों को ध्यान से सुनना चाहिए और उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ख्याल रखना चाहिए। उन्हें यह महसूस कराना हमारी जिम्मेदारी है कि वे हम पर बोझ नहीं, बल्कि हमारा संबल और अभिमान हैं। इसी में एक स्वस्थ समाज का निर्माण निहित है।
Step 1: Understanding the Question:प्रकृति की रक्षा : अपनी सुरक्षा
संकेत-बिंदु: • प्रकृति और मनुष्य का संबंध • प्रकृति के साथ खिलवाड़ के उदाहरण • प्रकृति की रक्षा के उपाय
ढ़ते साइबर अपराध
संकेत-बिंदु: • अर्थ और प्रकार • कारण • रोकथाम के उपाय
'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर बालगोबिन भगत के स्वरूप पर टिप्पणी लिखिए।
'नौबतखाने में इबादत' पाठ के आधार पर लिखिए कि एक सच्चे कलाकार को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और किन पर नहीं?
'एक कहानी यह भी' पाठ से उद्धृत कथन 'पिताजी को इस बात का बिलकुल भी अहसास नहीं था कि इन दोनों का तो रास्ता ही टकराहट का है' - में किन 'दो रास्तों' के बीच टकराहट की बात की जा रही है?
'नेताजी का चश्मा' पाठ में हालदार साहब को क्या देखकर 'दुर्दमनीय कौतूहल' हुआ और उन्होंने उसके लिए क्या किया?
आप गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर हैं। आपकी माँ कार्यालय के काम से कुछ दिनों के लिए दूसरे शहर गई हैं और उनकी अनुपस्थिति में आपको घर की व्यवस्था सँभालनी पड़ रही है। अपने अनुभव और कठिनाइयों को व्यक्त करते हुए उन्हें 100 शब्दों में पत्र लिखिए।