Question:

'एक कहानी यह भी' पाठ से उद्धृत कथन 'पिताजी को इस बात का बिलकुल भी अहसास नहीं था कि इन दोनों का तो रास्ता ही टकराहट का है' - में किन 'दो रास्तों' के बीच टकराहट की बात की जा रही है? 
 

Show Hint

प्रतीकात्मक भाषा को समझें। 'दो रास्ते' यहाँ दो अलग-अलग विचारधाराओं और जीवन-शैलियों का प्रतीक हैं।
Updated On: Mar 2, 2026
Hide Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Question:
प्रश्न में पूछा गया है कि लेखिका और उनके पिता के बीच किन 'दो रास्तों' को लेकर टकराहट थी।
Step 2: Detailed Explanation:
'एक कहानी यह भी' पाठ में मन्नू भंडारी बताती हैं कि उनके पिता आधुनिक सोच के थे और चाहते थे कि लेखिका राजनीतिक बहसों में भाग ले, लेकिन घर की चारदीवारी के अंदर। यह पहला रास्ता था। इसके विपरीत, लेखिका देश की आज़ादी के आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए लड़कों के साथ सड़कों पर जुलूस और नारेबाज़ी करने लगीं। यह दूसरा रास्ता था। इन दो अलग-अलग दृष्टिकोणों और कार्यक्षेत्रों में सीधा टकराव था।
Step 3: Final Answer:
यहाँ 'दो रास्ते' का मतलब है - घर में रहकर सीमित राजनीतिक सक्रियता और सड़कों पर उतरकर प्रत्यक्ष क्रांतिकारी भागीदारी, जिनके बीच टकराहट थी।
Was this answer helpful?
0
0

Top Questions on प्रश्न उत्तर

View More Questions

Questions Asked in CBSE X exam

View More Questions