Step 1: Understanding the Question
दी गई काव्य पंक्तियों में निहित रस को पहचानना है।
Step 2: Key Concept
करुण रस का स्थायी भाव 'शोक' होता है। जब किसी प्रिय व्यक्ति या वस्तु के विनाश, अनिष्ट या उससे स्थायी वियोग के कारण हृदय में शोक का भाव उत्पन्न होता है, तो वहाँ करुण रस की निष्पत्ति होती है।
Step 3: Detailed Explanation
इन पंक्तियों में, वक्ता अपने प्रिय 'रघुनंदन' (श्री राम) के वियोग में अत्यधिक दुःख और पीड़ा व्यक्त कर रहा है। "हा!", "तुम बिन जियत" जैसे शब्द सीधे-सीधे शोक और वेदना के भाव को प्रकट करते हैं। यहाँ प्रिय के वियोग से उत्पन्न स्थायी दुःख का वर्णन है, जो करुण रस का स्थायी भाव 'शोक' को जाग्रत करता है।
Step 4: Final Answer
अतः, इन पंक्तियों में करुण रस है। सही उत्तर (C) है।