घर की बैठक हमेशा से घर का सबसे ख़ास हिस्सा होती है — जहाँ मेहमान आते हैं, परिवार साथ बैठता है और छोटी-बड़ी बातें होती हैं। इसी बैठक में जब नया एल.ई.डी. टीवी सजता है तो पूरा माहौल ही बदल जाता है।
पहले पुराना टीवी कोने में रखा रहता था — मोटा सा बॉक्स, जिसके ऊपर कभी अख़बार तो कभी फूलदान रखा जाता था। पर अब नया एल.ई.डी. दीवार पर एक तस्वीर की तरह टंग गया है — सुंदर, चमचमाता और पतला।
बैठक में अब हर कुर्सी, सोफा उसी एल.ई.डी. की तरफ़ मुड़ गया है। हर शाम अब परिवार के लिए एक उत्सव बन गई है — पिताजी समाचार देखते हैं, माँ अपने पसंदीदा सीरियल, बच्चे कार्टून और स्पोर्ट्स में खो जाते हैं।
रिमोट की बटन दबाते ही दुनिया भर के चैनल, फिल्में और वेब सीरीज़ घर के ड्राइंग रूम में आ गई हैं। कभी पूरा परिवार साथ बैठकर कोई पुरानी फिल्म देखता है, तो कभी स्पोर्ट्स मैच पर ताली बजती है।
नया एल.ई.डी. सिर्फ़ टीवी नहीं — यह परिवार को एक साथ बैठने का बहाना बन गया है। छुट्टियों पर घर आए मेहमान भी उसी के सामने बैठकर चाय की चुस्की लेते हैं और बातों का सिलसिला चलता है।
सजावट में एल.ई.डी. ने बैठक की शोभा बढ़ा दी है — दीवार पर उसकी चौड़ी स्क्रीन अब कमरे को आधुनिक लुक देती है।
यह नया बदलाव केवल तकनीक नहीं — यह बदलती जीवनशैली की कहानी है, जिसमें परिवार पुराने बक्से वाले टीवी से निकलकर स्मार्ट एल.ई.डी. तक पहुँच गया है।
बैठक का यही नया चेहरा है — जहाँ नई तकनीक और परिवार का अपनापन साथ-साथ दिखाई देते हैं।