Question:

'छात्र आंदोलन का नेतृत्व स्वीकार करते समय जयप्रकाश नारायण की स्थिति कैसी थी?

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जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए आंदोलनों ने भारतीय राजनीति की दिशा को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • बुढ़ापा और बीमारी
  • पूर्ण स्वस्थ
  • युवक
  • जर्जर
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

जयप्रकाश नारायण ने छात्र आंदोलन का नेतृत्व करते हुए बुढ़ापे और बीमारी के बावजूद देश की सेवा की। उनका संघर्ष और समर्पण प्रेरणादायक था, और वे भारतीय राजनीति के महान नेताओं में से एक माने जाते हैं। वे 'लोकनायक' के नाम से प्रसिद्ध थे और भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उन्होंने कई आंदोलनों का संचालन किया। विशेष रूप से 1974 के छात्र आंदोलन और 1975-77 के आपातकाल के खिलाफ उनका नेतृत्व महत्वपूर्ण था। उनकी राजनीतिक दृष्टि और नैतिकता ने देश के युवाओं को जागरूक किया और स्वतंत्रता के बाद के भारत में जनतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। जयप्रकाश नारायण का जीवन सेवा, त्याग और जनता के लिए समर्पण का उदाहरण है।
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