'बेकाम' सामासिक पद का विग्रह करके भेद भी लिखिए।
'बेकाम' सामासिक पद का विग्रह है – बे + काम.
यहाँ ‘बे’ उपसर्ग है जिसका अर्थ होता है ‘बिना’ या ‘नहीं’ और ‘काम’ का अर्थ है ‘मूल्य’ या ‘महत्व’।
इस प्रकार ‘बेकाम’ का अर्थ होता है ‘जिसका कोई मूल्य या महत्त्व न हो’ अर्थात ‘व्यर्थ’ या ‘बेकार’।
भेद: यह तत्पुरुष समास का उदाहरण है क्योंकि इसमें पहला पद (‘बे’) दूसरे पद (‘काम’) का विशेषण है और दोनों मिलकर एक नया अर्थ प्रदान करते हैं।
तत्पुरुष समास में पहले पद का अर्थ दूसरे पद को स्पष्ट करता है और यहाँ ‘बे’ शब्द ‘काम’ शब्द को नकारता है, जो तत्पुरुष समास की विशेषता है।
इस प्रकार ‘बेकाम’ शब्द समासिक रूप में बना है और इसका अर्थ तथा भेद स्पष्ट है।
‘क्रोधाग्नि’ समस्तपद का विग्रह करते हुए समास का नाम भी लिखिए।
'स्वाधीन' समस्त पद का व्याख्या करके भेद भी लिखिए।
प्रथमां सूचीं द्वितीयया सूच्या सह मेलयत ।
| सूची-I | सूची-II |
|---|---|
| (A) दम्पती | (I) बहुव्रीहि-समासः |
| (B) शोकपतितः | (II) द्वन्द्वः-समासः |
| (C) उपराजम् | (III) तत्पुरुषः-समासः |
| (D) चन्द्रशेखरः | (IV) अव्ययीभाव-समासः |
अधोलिखितेषु विकल्पेषु उचिततमम् उत्तरं चिनुत -
'त्रयाणां भुवनानां समाहारः' इत्यस्य समस्तपदम् अस्ति-
'राष्ट्रपतिः' इत्यस्य समस्तपदस्य विग्रहः अस्ति-
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