Question:

‘बादल राग’ कविता के आधार पर लिखिए कि धरती के भीतर सोए अंकुर बादलों को क्यों और कैसे पुकार रहे हैं ?

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उत्तर में अंकुर और बादल का प्रतीकात्मक संबंध स्पष्ट करें।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘बादल राग’ कविता में धरती के भीतर पड़े सूखे बीज और अंकुर बादलों को इसलिए पुकार रहे हैं क्योंकि वे पानी के बिना जीवित नहीं रह सकते।
सूखी धरती में बीज अंकुरित होने के लिए बादलों से वर्षा की आस लगाते हैं। वे चुपचाप धरती की गोद में पड़े रहते हैं, लेकिन भीतर ही भीतर पानी के लिए तड़पते हैं।
जब बादल घिरते हैं तो ये अंकुर बादलों को पुकारते हैं कि जल्दी बरसो ताकि वे फूट सकें, उग सकें और हरियाली फैला सकें।
कवि ने यहाँ अंकुर को जीवन के नवसृजन, खेती और मेहनतकश किसान की उम्मीद का प्रतीक माना है। बादल उनके लिए अमृत समान हैं जो जीवन देते हैं।
अतः ‘बादल राग’ में अंकुरों की पुकार वर्षा की अनिवार्यता और धरती के जीवन से जुड़ी आस्था को दर्शाती है।
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