Question:

ताडित: चन्द्रशेखर: पुन: पुन: 'भारतं जयतु' इति वदति। (एवं स पञ्चदशकशाघातै: ताडित:) यदा चन्द्रशेखर: कारागारात् मुक्त: बहि: आगच्छति, तदैव सर्वे जना: तं परित: वेष्टयन्ति, बहव: बालका: तस्य पादयो: पतन्ति, तं मालाभि: अभिनन्दयन्ति च। (सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए) 
 

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'परित:' शब्द का अर्थ 'चारों ओर' और 'वेष्टयन्ति' का अर्थ 'घेर लेते हैं' होता है।
Updated On: Feb 19, 2026
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Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न क्रान्तिकारी चन्द्रशेखर आजाद के वीरतापूर्ण प्रसंग के संस्कृत वर्णन का अनुवाद है।
Step 2: Detailed Explanation:
सन्दर्भ: यह गद्यांश 'चन्द्रशेखर: आजाद:' या 'देशभक्त: चन्द्रशेखर:' नामक पाठ से लिया गया है।
हिन्दी अनुवाद:
कोड़ों से पीटे जाते हुए चन्द्रशेखर बार-बार "भारत की जय हो" ऐसा कहते थे।
(इस प्रकार उन्हें पन्द्रह कोड़ों की सजा दी गई।)
जब चन्द्रशेखर जेल से छूटकर बाहर आए, तभी सब लोगों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया।
बहुत से बालक उनके पैरों पर गिर पड़े और लोगों ने फूलों की मालाओं से उनका स्वागत किया।
Step 3: Final Answer:
यह अंश आजाद की निर्भीकता और जनता के उनके प्रति प्रेम को दर्शाता है।
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