Question:

मुअनजो-दड़ो' को 'जल संस्कृति' (Water Culture) क्यों कहा जाता है?

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मुअनजो-दड़ो = उन्नत जल व्यवस्था (नालियाँ + कुएँ + ग्रेट बाथ) = जल संस्कृति
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Solution and Explanation

Concept: मुअनजो-दड़ो सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख नगर था, जो अपनी उन्नत नगर-योजना और जल-प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ जल से जुड़ी व्यवस्थाएँ इतनी विकसित थीं कि इसे ‘जल संस्कृति’ का प्रतीक माना जाता है।
कारण:
उन्नत जल-निकासी प्रणाली: मुअनजो-दड़ो में पक्की नालियों और ढकी हुई जल-निकासी व्यवस्था थी, जो उस समय की अत्यंत विकसित तकनीक को दर्शाती है।
सार्वजनिक स्नानागार (ग्रेट बाथ): यहाँ विशाल सार्वजनिक स्नानागार मिला है, जो जल के धार्मिक और सामाजिक महत्व को दर्शाता है।
कुएँ और जल-स्रोत: लगभग हर घर या मोहल्ले में कुएँ थे, जिससे जल की उपलब्धता और उपयोगिता स्पष्ट होती है।
स्वच्छता पर जोर: जल के उचित उपयोग और निकासी से यह पता चलता है कि लोग स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सजग थे।
सांस्कृतिक महत्व: स्नान और जल से जुड़े अनुष्ठान वहाँ की सामाजिक और धार्मिक जीवनशैली का हिस्सा थे।
निष्कर्ष: मुअनजो-दड़ो में जल-प्रबंधन, स्वच्छता और जल के सांस्कृतिक महत्व के प्रमाण स्पष्ट रूप से मिलते हैं। इसी कारण इसे ‘जल संस्कृति’ कहा जाता है, जो उस सभ्यता की वैज्ञानिक सोच और उन्नत जीवन-पद्धति को दर्शाता है।
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