'फल' शब्द का तृतीया विभक्ति, बहुवचन रूप है
Step 1: विभक्ति की पहचान.
तृतीया विभक्ति (करण कारक) का प्रयोग 'के द्वारा' या 'सहित' अर्थ में होता है। जैसे— फल + एन् = फलेन (फलों के द्वारा)।
Step 2: बहुवचन रूप.
'फल' शब्द जब तृतीया बहुवचन में आता है तो उसका रूप फलेन होता है।
Step 3: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) फलम्: यह प्रथमा/द्वितीया एकवचन है।
(B) फले: यह सप्तमी बहुवचन रूप है।
(C) फलेन: सही — यह तृतीया बहुवचन रूप है।
(D) फलेः: यह षष्ठी एकवचन है।
Step 4: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (C) फलेन।
पदे शुद्धं पूर्णं च लिखत। (3 तः 2)
अभ्यासनाम् ............................ मतिदातृत्तम्॥
पदे शुद्धं पूर्णं च लिखत। (3 तः 2)
यत्र ............................ ह्रदयते॥
पदे शुद्धं पूर्णं च लिखत। (3 तः 2)
वैद्यराज ............................ धनानि च॥
मञ़्जुषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत। (5 तः 4)
मञ़्जुषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत। (5 तः 4)