'पठथः' धातु रूप का वचन एवं पुरुष है:
Step 1: धातु रूप परिचय.
'पठ्' धातु का लट् लकार (वर्तमान काल) रूप बनाते समय पुरुष और वचन के अनुसार अंत बदलता है।
Step 2: रूप का विश्लेषण.
- प्रथम पुरुष द्विवचन: पठतः।
- मध्यम पुरुष द्विवचन: पठथः।
- उत्तम पुरुष द्विवचन: पठावः।
यहाँ दिया गया रूप है पठथः, जो मध्यम पुरुष द्विवचन का रूप है।
Step 3: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) एकवचन, प्रथम पुरुष: गलत — एकवचन रूप पठसि/पठति होता है।
(B) बहुवचन, मध्यम पुरुष: गलत — बहुवचन रूप पठथ।
(C) द्विवचन, मध्यम पुरुष: सही — पठथः।
(D) एकवचन, उत्तम पुरुष: गलत — उत्तम एकवचन रूप पठामि है।
Step 4: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (C) द्विवचन, मध्यम पुरुष।
पदे शुद्धं पूर्णं च लिखत। (3 तः 2)
अभ्यासनाम् ............................ मतिदातृत्तम्॥
पदे शुद्धं पूर्णं च लिखत। (3 तः 2)
यत्र ............................ ह्रदयते॥
पदे शुद्धं पूर्णं च लिखत। (3 तः 2)
वैद्यराज ............................ धनानि च॥
मञ़्जुषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत। (5 तः 4)
मञ़्जुषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत। (5 तः 4)