'परमोद' शब्द का तत्सम रूप है :
Step 1: Restore tatsama spelling.
लोक-रूप 'परमोद' में 'र' की संधि/विकृति से 'प्रमोद' (आनन्द) बनता है—यह सही तत्सम है।
Step 2: Eliminate confusions.
'प्रमुद' अशुद्ध; 'प्रमाद' अर्थतः 'चूक/अविवेक'—भिन्न शब्द। अतः (3) सही।
मैं तुमसे हमेशा पाँच साल बड़ा रहूँगा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए।)
अपनी बात चटपट कहो और अपनी राह लो। (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।)
जैसे ही हँसी साठवें की जगह आठवीं लिखा वैसे ही सब नंबर गायब! (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।)
मेरे दरजे में आओगे, तो दोपहर पसीना आ जाएगा। (सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए।)
सफल खिलाड़ी का कोई निशाना खाली नहीं जाता। (मिश्र वाक्य में बदलिए।)