Question:

निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लगभग 80 से 100 शब्दों में लिखिए: 
(2) राधा की दृष्टि से जीवन की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। 
 

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राधा का प्रेम केवल व्यक्ति-विशेष तक सीमित नहीं है; यह ईश्वर और मानवता के बीच के शाश्वत संबंध का प्रतीक है।
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Solution and Explanation

Step 1: राधा के दृष्टिकोण की समझ.
राधा जीवन को केवल सांसारिक दृष्टि से नहीं देखतीं, बल्कि उसे आध्यात्मिक अनुभव के रूप में महसूस करती हैं। उनके अनुसार, जीवन तभी सार्थक है जब उसमें प्रेम और भक्ति का भाव हो।

Step 2: भावार्थ की व्याख्या.
राधा का प्रेम न केवल कृष्ण के प्रति है, बल्कि समस्त सृष्टि के प्रति उनकी आत्मिक संवेदना का प्रतीक है। वे मानती हैं कि त्याग, करुणा और समर्पण से ही मनुष्य के जीवन में पूर्णता आती है। इस दृष्टिकोण से राधा का जीवन मानवता, प्रेम और आध्यात्मिकता का आदर्श उदाहरण बन जाता है।

Step 3: निष्कर्ष.
राधा की दृष्टि से जीवन की सार्थकता उस प्रेम में है जो निस्वार्थ और अनंत है। यही प्रेम जीवन को अर्थपूर्ण और श्रेष्ठ बनाता है।

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