Question:

निम्नलिखित का उत्तर लगभग 100 से 120 शब्दों में लिखिए: 
(1) 'नर हो, न निराश करो मन को', इस उक्ति का पालन कीजिए। 
 

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कविता की प्रेरणादायक पंक्तियाँ जीवन में आत्मविश्वास और धैर्य बनाए रखने का संदेश देती हैं — इन्हें व्यवहार में अपनाना ही उनका पालन है।
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Solution and Explanation

Step 1: उक्ति की व्याख्या.
यह पंक्ति कवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रसिद्ध कविता से ली गई है। इसमें कवि मनुष्य को जीवन के संघर्षों में दृढ़ रहने की प्रेरणा देते हैं। उनका कहना है कि मनुष्य को निराशा में डूबने के बजाय अपने आत्मबल पर विश्वास रखना चाहिए।

Step 2: विचार-विस्तार.
जीवन में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं, लेकिन सच्चा मनुष्य वही है जो कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानता। जो व्यक्ति मनोबल और साहस के साथ आगे बढ़ता है, वही सफलता प्राप्त करता है। यह उक्ति मनुष्य के भीतर सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का संचार करती है।

Step 3: निष्कर्ष.
'नर हो, न निराश करो मन को' का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। यह पंक्ति हमें जीवन में आशा, परिश्रम और आत्मबल के महत्व का बोध कराती है। निराशा के स्थान पर आशा अपनाना ही सच्चे मानव जीवन की पहचान है।

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