निम्नलिखित का उत्तर लगभग 100 से 120 शब्दों में लिखिए:
(1) 'नर हो, न निराश करो मन को', इस उक्ति का पालन कीजिए।
Step 1: उक्ति की व्याख्या.
यह पंक्ति कवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रसिद्ध कविता से ली गई है। इसमें कवि मनुष्य को जीवन के संघर्षों में दृढ़ रहने की प्रेरणा देते हैं। उनका कहना है कि मनुष्य को निराशा में डूबने के बजाय अपने आत्मबल पर विश्वास रखना चाहिए।
Step 2: विचार-विस्तार.
जीवन में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं, लेकिन सच्चा मनुष्य वही है जो कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानता। जो व्यक्ति मनोबल और साहस के साथ आगे बढ़ता है, वही सफलता प्राप्त करता है। यह उक्ति मनुष्य के भीतर सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का संचार करती है।
Step 3: निष्कर्ष.
'नर हो, न निराश करो मन को' का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। यह पंक्ति हमें जीवन में आशा, परिश्रम और आत्मबल के महत्व का बोध कराती है। निराशा के स्थान पर आशा अपनाना ही सच्चे मानव जीवन की पहचान है।
हिंदी के निम्नलिखित उपन्यासों को उनके प्रकाशन वर्ष के अनुसार पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) परीक्षा गुरु
(B) गोदान
(C) चंद्रकांता
(D) भाग्य लक्ष्मी
(E) मैला आँचल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
जन्मवर्ष के अनुसार निम्नलिखित रचनाकारों को पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) कबीरदास
(B) तुलसीदास
(C) केशवदास
(D) सूरदास
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
सूची-I को सूची-II से संबद्ध कीजिए :
| सूची-I (लेखक) | सूची-II (रचना) |
|---|---|
| (A) जयशंकर प्रसाद | (III) कामायनी |
| (B) सुमित्रानंदन पंत | (IV) उच्छवास |
| (C) महादेवी वर्मा | (I) यामा |
| (D) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | (II) राम की शक्ति पूजा |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
अलंकार के निम्नलिखित उदाहरणों को अनुप्रास, उपमा, रूपक और सलेश के क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(A) रवि तजु तृण तृण तरु तमाल तरुवर बहु छाए ।
(B) रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती, मानुष, चून।।
(C) सिंधु सा विस्रुत और अथाह ।
(D) चरण-कमल बंदौं हरिराय।।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
“वीर तुम बढ़े चलो, वीर तुम बढ़े चलो।
सामने पहाड़ हो कि सिंह की गर्जना हो।”
उपयुक्त पंक्तियों में कौन-सा रस है?