Question:

'निबंध लेखन की दृष्टि से भारतेंदु युग कैसा था ?

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भारतेंदु युग में निबंध लेखन में सामाजिक जागरूकता और नई दृष्टियाँ आईं, जो आधुनिक हिंदी साहित्य के विकास में सहायक रही।
  • उर्वर
  • अनुपयोगी
  • प्रगतिशील
  • प्रतिगामी
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

भारतेंदु युग निबंध लेखन के दृष्टिकोण से प्रगतिशील था, क्योंकि इस युग में हिंदी साहित्य में नए विचारों और दृष्टिकोणों का समावेश हुआ। इस काल में निबंधों में समाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर विचार किए गए। भारतेंदु हरिश्चंद्र के नेतृत्व में इस युग ने हिंदी गद्य को जागरूकता, संवेदनशीलता और तात्कालिकता प्रदान की। निबंधों के माध्यम से तत्कालीन समाज में व्याप्त कुरीतियों, अंधविश्वासों, अंग्रेजी शासन की नीतियों और सामाजिक असमानताओं पर तीव्र प्रकाश डाला गया। इस काल के निबंधकारों ने समाज सुधार, स्वदेशी आंदोलन, शिक्षा, स्त्री-स्वतंत्रता आदि विषयों पर निर्भीकता से लिखा। भारतेंदु युग की निबंध शैली सहज, स्पष्ट और उद्देश्यपरक थी, जो पाठकों को सोचने और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में प्रेरित करने में सक्षम रही। इस प्रकार, यह युग निबंध साहित्य में प्रगतिशील चेतना का प्रारंभिक चरण माना जाता है।
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