Question:

'नारी और नर एक ही द्रव्य की ढली दो प्रतिमाएँ है।' किस रचनाकार की पंक्ति है?

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रामधारी सिंह दिनकर की रचनाएँ समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को मान्यता देती हैं और उनके विचारों में समानता की भावना प्रबल है।
  • मलयज
  • जयप्रकाश नारायण
  • रामधारी सिंह दिनकर
  • भगत सिंह
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

'नारी और नर एक ही द्रव्य की ढली दो प्रतिमाएँ हैं' यह पंक्ति रामधारी सिंह दिनकर की काव्य रचनाओं में से एक है। उनका यह विचार पुरुष और महिला के समान अधिकार और सम्मान की दिशा में एक गहरी सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि प्रस्तुत करता है। दिनकर ने इस पंक्ति के माध्यम से यह संदेश दिया है कि नारी और नर दोनों ही समान रूप से मानवता के अंग हैं और उन्हें समान आदर, सम्मान और अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी दर्शाया कि समाज की प्रगति और विकास तब तक संभव नहीं जब तक कि दोनों लिंगों को बराबरी का दर्जा और अधिकार न मिले। यह विचार समाज में लैंगिक समानता की आवश्यकता को रेखांकित करता है और इस दिशा में जागरूकता फैलाने का कार्य करता है। रामधारी सिंह दिनकर की कविता में अक्सर भारतीय समाज और संस्कृति के जटिल पहलुओं पर प्रकाश डाला जाता है, और इस पंक्ति के माध्यम से उन्होंने महिला सशक्तिकरण और पुरुषों और महिलाओं के बीच समानता की आवश्यकता को बड़े ही प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया।
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