न रहेगी बाँस न बजेगी बाँसुरी" लोकोक्ति का सही अर्थ है:
न रहेगी बाँस न बजेगी बाँसुरी का अर्थ है किसी समस्या के मूल कारण को पूरी तरह समाप्त कर देना ताकि समस्या फिर से उत्पन्न न हो। उदाहरण: अगर विवाद को रोकना है, तो समस्या की जड़ को समाप्त करना होगा।
‘छोटी–छोटी बातों पर मित्रों को ______ सुनाना, दिनेश का स्वभाव बन गया है।’
‘तिल का ताड़ बनाना’ मुहावरे के अर्थ को व्यक्त करने वाला कोई अन्य मुहावरा लिखिए।
‘सातवें आसमान पर होना’ मुहावरे का वाक्य में इस प्रकार प्रयोग कीजिए कि उसका अर्थ स्पष्ट हो जाए।
‘अच्छी तरह समझ लेना’ अर्थ को व्यक्त करने वाला उपयुक्त मुहावरा लिखिए।
‘भाई साहब का रौद्र–रूप देखकर मेरे प्राण सूख जाते थे।’ – पंक्ति से मुहावरा चुनकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए।