कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर जी' के किन्हीं दो निबंध संग्रहों के नाम लिखिए।
Step 1: लेखक परिचय.
कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर जी' हिंदी के प्रसिद्ध निबंधकार थे जिनकी रचनाएँ सामाजिक और नैतिक विषयों पर आधारित थीं।
Step 2: निबंध संग्रह.
उनके प्रमुख निबंध संग्रहों में 'बिखरे मोती', 'कुटिल मार्ग', 'अंधेरे उजाले' आदि सम्मिलित हैं।
Step 3: निष्कर्ष.
उनके निबंधों में व्यंग्य, संवेदना और समाज-सुधार का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिलता है।
हिंदी के निम्नलिखित उपन्यासों को उनके प्रकाशन वर्ष के अनुसार पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) परीक्षा गुरु
(B) गोदान
(C) चंद्रकांता
(D) भाग्य लक्ष्मी
(E) मैला आँचल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
जन्मवर्ष के अनुसार निम्नलिखित रचनाकारों को पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) कबीरदास
(B) तुलसीदास
(C) केशवदास
(D) सूरदास
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
सूची-I को सूची-II से संबद्ध कीजिए :
| सूची-I (लेखक) | सूची-II (रचना) |
|---|---|
| (A) जयशंकर प्रसाद | (III) कामायनी |
| (B) सुमित्रानंदन पंत | (IV) उच्छवास |
| (C) महादेवी वर्मा | (I) यामा |
| (D) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | (II) राम की शक्ति पूजा |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
अलंकार के निम्नलिखित उदाहरणों को अनुप्रास, उपमा, रूपक और सलेश के क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(A) रवि तजु तृण तृण तरु तमाल तरुवर बहु छाए ।
(B) रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती, मानुष, चून।।
(C) सिंधु सा विस्रुत और अथाह ।
(D) चरण-कमल बंदौं हरिराय।।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
“वीर तुम बढ़े चलो, वीर तुम बढ़े चलो।
सामने पहाड़ हो कि सिंह की गर्जना हो।”
उपयुक्त पंक्तियों में कौन-सा रस है?