Question:

हृदय-गगन में रूप-चंद्रिका बनकर उतरो मेरे - काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है? 
 

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रूपक अलंकार में उपमेय और उपमान के बीच योजक चिह्न (-) का प्रयोग हो सकता है और 'सा', 'जैसा' जैसे वाचक शब्द नहीं होते। (जैसे - चरण-कमल)।
Updated On: Mar 2, 2026
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Solution and Explanation

Step 1: पंक्ति का अर्थ: मेरे हृदय रूपी आकाश में तुम सौंदर्य रूपी चाँदनी बनकर उतरो।
Step 2: अलंकार की पहचान: इस पंक्ति में 'हृदय' (उपमेय) पर 'गगन' (उपमान) का और 'रूप' (उपमेय) पर 'चंद्रिका' (उपमान) का अभेद आरोप है। यहाँ 'हृदय जैसा गगन' न कहकर 'हृदय-गगन' (हृदय रूपी गगन) कहा गया है। उपमेय और उपमान में कोई अंतर नहीं दर्शाया गया है।
Step 3: Final Answer: अतः, उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप होने के कारण यहाँ रूपक अलंकार है।
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