'हसिष्यथः' धातु का वचन एवं पुरुष है:
Step 1: धातु और लकार का विश्लेषण.
'हसिष्यथः' शब्द 'हस्' (हँसना) धातु से बना है और यह लृट् लकार (भविष्यत् काल) का रूप है।
Step 2: रूप विश्लेषण.
लृट् लकार में मध्यम पुरुष द्विवचन के लिए प्रत्यय 'थः' लगता है — जैसे 'हसिष्यथः' = 'तुम दोनों हँसोगे'।
Step 3: निष्कर्ष.
इसलिए 'हसिष्यथः' धातु का रूप द्विवचन, मध्यम पुरुष है।
पदे शुद्धं पूर्णं च लिखत। (3 तः 2)
अभ्यासनाम् ............................ मतिदातृत्तम्॥
पदे शुद्धं पूर्णं च लिखत। (3 तः 2)
यत्र ............................ ह्रदयते॥
पदे शुद्धं पूर्णं च लिखत। (3 तः 2)
वैद्यराज ............................ धनानि च॥
मञ़्जुषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत। (5 तः 4)
मञ़्जुषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत। (5 तः 4)