हम कटाओ के करीब आए और बर्फ़ से ढके पहाड़ दिखने लगे। (सरल वाक्य में बदलिए)
बोलचाल की भाषा में जो आसानी रहती है वही लिखित भाषा में भी होनी चाहिए। (रचना के आधार पर वाक्य का भेद लिखिए)
यह वही मंच है जहाँ कल सम्मान समारोह हुआ। (आश्रित उपवाक्य और उसका भेद भी लिखिए)
बिस्मिल्ला खाँ काशी में होने वाले परिवर्तनों को देखकर दुखी थे। (मिश्र वाक्य में बदलिए)
भारतीय सैनिक संकट के बादलों के समक्ष निराश नहीं हुए। (संयुक्त वाक्य में बदलिए)
'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर बालगोबिन भगत के स्वरूप पर टिप्पणी लिखिए।
'नौबतखाने में इबादत' पाठ के आधार पर लिखिए कि एक सच्चे कलाकार को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और किन पर नहीं?
'एक कहानी यह भी' पाठ से उद्धृत कथन 'पिताजी को इस बात का बिलकुल भी अहसास नहीं था कि इन दोनों का तो रास्ता ही टकराहट का है' - में किन 'दो रास्तों' के बीच टकराहट की बात की जा रही है?
'नेताजी का चश्मा' पाठ में हालदार साहब को क्या देखकर 'दुर्दमनीय कौतूहल' हुआ और उन्होंने उसके लिए क्या किया?
आप गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर हैं। आपकी माँ कार्यालय के काम से कुछ दिनों के लिए दूसरे शहर गई हैं और उनकी अनुपस्थिति में आपको घर की व्यवस्था सँभालनी पड़ रही है। अपने अनुभव और कठिनाइयों को व्यक्त करते हुए उन्हें 100 शब्दों में पत्र लिखिए।