'द्विवेदी युग' का नाम महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम से जाना जाता है। वे हिंदी साहित्य के प्रमुख लेखक और विचारक थे, जिन्होंने आधुनिक हिंदी गद्य को एक नया स्वरूप प्रदान किया। उनके संपादन में 'सरस्वती' पत्रिका हिंदी साहित्य के विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी।