'दोहा' अथवा 'चौपाई' छन्द के लक्षण लिखकर उसका एक उदाहरण दीजिए।
Step 1: मात्रा-संरचना. दोहा—24 प्रति पंक्ति (13+11/11+13); चौपाई—16 मात्रिक चौ-चरण।
Step 2: उदाहरण-संगति. पाठ्यपुस्तक/लोकोक्ति से मानक पंक्तियाँ चुनें—लक्षण से मेल अनिवार्य।
Final Answer:
दोहा (लक्षण): 24 मात्राएँ प्रति पंक्ति; पहली और तीसरी चरण में 13–11, दूसरी और चौथी में 11–13 मात्राओं का क्रम (विराम 13 पर)।
उदाहरण (दोहा):
"जो उगे सो ढलना है, जो फूले सो झार।
जो आए सो जाना है, रहे न कोउ संसार॥"
(या) चौपाई (लक्षण): चार चरण; प्रत्येक में 16-16 मात्राएँ (सममात्रिक), तुलसी काव्य में व्यापक।
उदाहरण (चौपाई):
"श्रीगुरु चरण सरोज रज, निजमन मुकुरु सुधारि।
बरनऊँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥"
'दोहा' छंद अथवा 'सोरठा' छंद का लक्षण और एक उदाहरण लिखिए।
'दोहा' छंद अथवा 'कुंडलिया' छंद का लक्षण सहित एक उदाहरण लिखिए।
'चौदह' छन्द अथवा 'कुण्डलिया' छन्द का लक्षण एवं उदाहरण लिखिए।
'दोहा' छन्द अथवा 'कुण्डलिया' छन्द का मात्रा सहित लक्षण एवं उदाहरण लिखिए।
'दोहा' छंद अथवा 'चौपाई' छंद का लक्षण और एक उदाहरण लिखिए।