Question:

आत्मवशं सर्वं किम् ?

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प्रमुख संस्कृत श्लोकों में प्रस्तुत दार्शनिक अवधारणाओं को समझने से आपको प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिल सकती है, भले ही आपको सटीक शब्द याद न हों। आत्मनिर्भरता से सुख की प्राप्ति एक सामान्य विषय है।
Updated On: Nov 17, 2025
  • दुःखम्
  • सुखम्
  • कष्टम्
  • विपद्
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collegedunia
Verified By Collegedunia

The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न पूछ रहा है: जो कुछ भी अपने वश में है, वह सब क्या है?
चरण 2: मुख्य अवधारणा:
यह प्रश्न एक प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक पर आधारित है, जिसे अक्सर मनुस्मृति से उद्धृत किया जाता है, जो सुख और दुःख को परिभाषित करता है।
श्लोक है:
सर्वं परवशं दुःखं सर्वमात्मवशं सुखम्।
एतद्विद्यात् समासेन लक्षणं सुखदुःखयोः॥
चरण 3: विस्तृत व्याख्या:
इस श्लोक का अनुवाद है: "जो कुछ भी दूसरों के वश में है, वह सब दुःख है; जो कुछ भी अपने वश में है, वह सब सुख है। इसे संक्षेप में सुख और दुःख का लक्षण जानना चाहिए।"
इसलिए, जो कुछ भी 'आत्मवशं' (अपने वश में) है, वह सुख है।
चरण 4: अंतिम उत्तर:
सही उत्तर सुखम् (सुख) है।
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