आदर्श बदला' कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
Step 1: शीर्षक का अर्थ समझना.
'आदर्श बदला' का अर्थ केवल बदला लेना नहीं, बल्कि आदर्श और नैतिकता के माध्यम से गलत को सही दिशा दिखाना है। यह बदला हिंसा नहीं, बल्कि सद्भावना और सुधार का प्रतीक है।
Step 2: कहानी से संबंध.
कहानी में पात्र प्रतिशोध की भावना में डूबने के बजाय अपने कर्मों से यह सिद्ध करता है कि सच्चा बदला अच्छाई के मार्ग से ही लिया जा सकता है। उसका आदर्श आचरण समाज में सकारात्मक संदेश देता है।
Step 3: निष्कर्ष.
इस प्रकार कहानी का शीर्षक 'आदर्श बदला' अपने अर्थ और संदेश दोनों दृष्टियों से पूर्णतः उपयुक्त और सार्थक है। यह दिखाता है कि सच्चा बदला वही है जो बुराई पर अच्छाई की विजय दर्शाए।
‘दूसरा देवदास’ कहानी के आधार पर लिखिए कि संभव की नानी उसको लेकर क्यों चिंतित हो गईं । इस तरह का व्यवहार बुज़ुर्गों के स्वभाव के किन पक्षों को उजागर करता है ?
कहानी को रोचक बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है ? पढ़ी हुई किसी कहानी के उदाहरण से अपनी बात स्पष्ट कीजिए।
सबसे पहले कविता शब्दों से खेलने का प्रयास है – कैसे ? सोदाहरण लिखिए।
कहानी में पात्रों का महत्त्व स्पष्ट करते हुए अपनी किसी पसंदीदा कहानी के प्रमुख पात्र की चर्चा करते हुए लिखिए कि कहानीकार ने उसकी रचना में किन बातों का विशेष ध्यान रखा है।
‘घड़ी के पुर्जे’ पाठ के संदर्भ में ‘घड़ीसाज़' को भी घड़ी खोलकर देखने की इज़ाज़त न देने का अभिप्राय स्पष्ट करते हुए लिखिए कि इसका क्या दुष्परिणाम होगा।