निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सवार्थिक उत्तर लिखिए:
आदमी हो, स्नेह-बाती बन नया दीपक जलाना।
दर्द की परछाइयों के दानवी बंधन हटाना।
छटपटाती जिंदगी को चेतना संगीत देना।
विश्व को नवपंथ देना; हारते को जीत देना।
आदमी हो, बुझ रहे ईमान को विश्वास देना।
मुस्कुराकर वातिका में मधुभरा मधुमास देना।
शूल के बदले जगत को फूल की सौगात देना।
जो पिछड़ता हो उसे नवशक्ति देना, साथ देना।
आदमी हो, डूबते मँझधार में पतवार देना।
थक चला विश्वास साथी, आशा आधार देना।
क्रांति का संदेश देकर राह युग की मोड़ देना।
फिर नया मानव बनाना, रूढ़ियों को तोड़ देना।
आदमी हो, द्वेष के तूफ़ान को हँसकर मिटाना।
कंठ-भर विषपान करना, किंतु सबको प्यार देना।
मेटना मजबूरियों को; दीन को आधार देना।
खाइयों को पाटना; बिछड़े दिलों को जोड़ देना।