रूप-रेखाएँ:
चयन/नामांकन में पूर्वाग्रह, गैर-समावेशी समय-सारिणी, सुरक्षा/यातायात बाधाएँ, तथा मेंटरिंग में लड़कों को प्राथमिकता। मंच-समिति में महिलाओं का अल्प प्रतिनिधित्व व निर्णय-निर्माण से बहिष्करण भी आम है।
परिणाम:
कौशल-विकास, नेटवर्किंग और करियर-ट्रैक पर नकारात्मक प्रभाव; आत्म-प्रभावकारिता घटती है और "स्टिरियोटाइप थ्रेट" प्रदर्शन कम करता है।
उपाय:
जेंडर-ऑडिट, पंजीयन में समान अवसर, सुरक्षित परिवहन/शौचालय/एमएचएम किट, प्रशिक्षित पोषक-परामर्शदाता, शून्य-सहिष्णुता के साथ शिकायत-निवारण तंत्र; कोटा/टारगेट के जरिए पैनल/नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी; पेरेंट-समुदाय की संवेदनशीलता।