उपकुणम्
महाधनम्
मदहस्त्
(i) उपकुणम्:
उपकुणम् का विग्रह 'उप' + 'कुणम्' है। यहाँ 'उप' प्रत्यय है जो 'कुणम्' (क्षेत्र) को बताता है। इस प्रकार, समास का नाम 'द्वंद्व समास' होगा क्योंकि दो शब्द मिलकर एक नया अर्थ उत्पन्न करते हैं।
Step 1: Identifying the components.
'उप' और 'कुणम्' के मिलन से 'उपकुणम्' का निर्माण हुआ है।
मैं तुमसे हमेशा पाँच साल बड़ा रहूँगा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए।)
अपनी बात चटपट कहो और अपनी राह लो। (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।)
जैसे ही हँसी साठवें की जगह आठवीं लिखा वैसे ही सब नंबर गायब! (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।)
मेरे दरजे में आओगे, तो दोपहर पसीना आ जाएगा। (सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए।)
सफल खिलाड़ी का कोई निशाना खाली नहीं जाता। (मिश्र वाक्य में बदलिए।)