उपकुणम्
महाधनम्
मदहस्त्
(i) उपकुणम्:
उपकुणम् का विग्रह 'उप' + 'कुणम्' है। यहाँ 'उप' प्रत्यय है जो 'कुणम्' (क्षेत्र) को बताता है। इस प्रकार, समास का नाम 'द्वंद्व समास' होगा क्योंकि दो शब्द मिलकर एक नया अर्थ उत्पन्न करते हैं।
Step 1: Identifying the components.
'उप' और 'कुणम्' के मिलन से 'उपकुणम्' का निर्माण हुआ है।
मेरे दरजे में आओगे, तो दोपहर पसीना आ जाएगा। (सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए।)
एक ललित निबंध लिखो जो चार पंक्तियों से कम न हो। (संग पदवृत्त छाँटकर लिखिए।)
निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(i) मुँह लाल होना
(ii) टाँग अड़ाना
अथवा
अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए कोष्ठक में दिए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए :
(तिलमिला जाना, काँप उठना)
पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही \underline{क्रोध में आ गए}।
निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए :
(i) लक्ष्मी का एक झूब्बेदार पूँछ था।
(ii) घर में तख्ते के रखे जाने का आवाज आता है।
(iii) सामने शेर देखकर यात्री का प्राण मानो मुरझा गया।
निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए :
(1) मैं आज रात का खाना नहीं खाऊँगा। (विधानार्थक वाक्य)
(2) मानू इतना ही बोल सकी। (प्रश्नार्थक वाक्य)