उल्टा पिरामिड शैली (Inverted Pyramid Style) समाचार लेखन की एक प्रमुख शैली है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण जानकारी पहले दी जाती है और कम महत्वपूर्ण जानकारी क्रमशः बाद में। इसका उद्देश्य पाठक को प्रारंभ में ही मुख्य तथ्य उपलब्ध कराना होता है ताकि कम समय में भी पूरी खबर का सार समझ में आ जाए।
इस शैली में सूचना का क्रम ऊपर से नीचे की ओर घटते महत्व के अनुसार होता है, इसलिए इसे “उल्टा पिरामिड” कहा जाता है।
चरण 1: मुखड़ा (Lead / Intro)
मुखड़ा समाचार का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है। इसमें खबर का सार या मुख्य बिंदु संक्षेप में प्रस्तुत किया जाता है।
इसमें 5W और 1H (क्या, कब, कहाँ, क्यों, कौन, कैसे) का उत्तर दिया जाता है।
पाठक को पहली पंक्ति में ही पूरी खबर का मूल भाव मिल जाता है।
यह आकर्षक और स्पष्ट होना चाहिए।
चरण 2: बॉडी (Body)
यह भाग मुखड़े के बाद आता है और इसमें खबर का विस्तार किया जाता है।
महत्वपूर्ण विवरण, तथ्य, पृष्ठभूमि और संबंधित जानकारी दी जाती है।
घटनाओं का क्रम, उद्धरण, आँकड़े और संदर्भ शामिल होते हैं।
जानकारी का महत्व धीरे-धीरे कम होता जाता है।
चरण 3: समापन (Conclusion / Tail)
यह समाचार का अंतिम भाग होता है।
इसमें कम महत्वपूर्ण या पूरक जानकारी दी जाती है।
अतिरिक्त संदर्भ, पुरानी घटनाओं का उल्लेख या सामान्य टिप्पणियाँ शामिल हो सकती हैं।
यदि पाठक यहाँ तक न भी पढ़े, तो भी मुख्य सूचना पहले ही मिल चुकी होती है।
निष्कर्ष:
उल्टा पिरामिड शैली पत्रकारिता में अत्यंत प्रभावी मानी जाती है क्योंकि यह पाठक को तुरंत मुख्य जानकारी प्रदान करती है और समय की बचत करती है। इसी कारण समाचार पत्रों, ऑनलाइन पत्रकारिता और न्यूज़ एजेंसियों में इसका व्यापक उपयोग होता है।