तीनताल भारतीय शास्त्रीय संगीत में एक प्रसिद्ध ताल है, जो 16 मात्राओं (मात्रा = समय की इकाई) में बंटा होता है। यह ताल बहुत ही सुंदर और लोकप्रिय है और इसे विशेष रूप से ध्रुवपद और ख़्याल गायन में प्रयोग किया जाता है। तीनताल का ठेका इस प्रकार होता है:
\[
\text{ढि-ना-ढि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना}
\]
ठांह (दूसरी ताली पर प्रहार):
\[
\text{ढि-ना-ढि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि}
\]
दुगुन लय (तेज़ गति में):
\[
\text{ढि-ना-ढि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना}
\]