Question:

तीनताल का पूर्ण परिचय देते हुए उसे ठांह एवं दुगुन लयकारियों में लिखें।

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तीनताल भारतीय शास्त्रीय संगीत में एक प्रमुख ताल है, जिसे गायन और वादन दोनों में समान रूप से प्रयोग किया जाता है। इसे विशेष रूप से लय और गति के अभ्यास के लिए उपयोगी माना जाता है।
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Solution and Explanation

तीनताल भारतीय शास्त्रीय संगीत में एक प्रसिद्ध ताल है, जो 16 मात्राओं (मात्रा = समय की इकाई) में बंटा होता है। यह ताल बहुत ही सुंदर और लोकप्रिय है और इसे विशेष रूप से ध्रुवपद और ख़्याल गायन में प्रयोग किया जाता है। तीनताल का ठेका इस प्रकार होता है: \[ \text{ढि-ना-ढि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना} \] ठांह (दूसरी ताली पर प्रहार): \[ \text{ढि-ना-ढि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि} \] दुगुन लय (तेज़ गति में): \[ \text{ढि-ना-ढि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना-धि-ना} \]
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