स्पष्टीकरण: ताल की संरचना में ‘खाली’ को निःशब्द (मूक) क्रिया माना जाता है। जब ताली नहीं बजाई जाती, परन्तु एक विशिष्ट अवस्थान पर ताल का संकेत किया जाता है, तो वह ‘खाली’ कहलाता है। इस क्रिया में हाथ से कोई आवाज़ उत्पन्न नहीं होती, अतः इसे निःशब्द क्रिया कहते हैं।