दिए गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
गद्यांश:
मैंने बहुतों को रूप से पाते देखा था, बहुतों को धन से और गुणों से भी बहुतों को पाते देखा था, पर मानवता के आंगन में समर्पणऔर शांति का यह अद्भुत सौंदर्य स्वरूप आज अपनी ही आँखों से देखा कि कोई अपनी पीड़ा से किसी को पाये और किसी का उत्तम संदर्भ किसी की पीड़ा के लिए ही सुनिश्चित रहे।