निम्नलिखित में से किसी एक शब्द के धातु एवं प्रत्यय का योग स्पष्ट कीजिए:
(अ) महिमावती
(ब) लघुत्वम्
(स) गर्वा
(अ) महिमावती:
महिमावती शब्द का धातु 'मह' (महान या बड़ा) है और प्रत्यय 'वती' (स्त्रीलिंग प्रत्यय) है। यह शब्द 'महिमा' (महानता) के रूप में एक स्त्रीलिंग शब्द का रूपांतरण है। 'महिमा' का अर्थ होता है 'महानता' और 'वती' प्रत्यय एक गुण या अवस्था को व्यक्त करता है।
Step 1: Identifying the root and suffix.
'मह' + 'वती' = 'महिमावती'
मैं तुमसे हमेशा पाँच साल बड़ा रहूँगा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए।)
अपनी बात चटपट कहो और अपनी राह लो। (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।)
जैसे ही हँसी साठवें की जगह आठवीं लिखा वैसे ही सब नंबर गायब! (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।)
मेरे दरजे में आओगे, तो दोपहर पसीना आ जाएगा। (सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए।)
सफल खिलाड़ी का कोई निशाना खाली नहीं जाता। (मिश्र वाक्य में बदलिए।)