निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए (कोई दो):
(१) सुडुक-सुडुक घाव से पिल्लू (मवाद) निकाल रहा है, नासिका से श्वेत पदार्थ निकाल रहा है।
(२) राम के रूप निहारति जानकी, कंकन के नग की परछाही, यातै सबै सुधि भूलि गई, कर टेकि रही पल टारत नाही।
(३) माला फेरत जुग भया, गया न मन का फेर। कर का मनका डारि कैं, मन का मनका फेर।।
(४) तू दयालु दीन हौं, तू दानि हौं भिखारि। हौं प्रसिद्ध पातकी, तू पाप पुंजहारि।
करुण रस अथवा शान्त रस का लक्षण के साथ उदाहरण लिखिए।
शांत अथवा वात्सल्य रस की परिभाषा लिखकर उसका उदाहरण दीजिए।
'संयोग श्रृंगार' रस अथवा 'करुण' रस का लक्षण सहित एक उदाहरण लिखिए।
'विभाव' (विस्तारक) श्रृंगार रस अथवा 'करण' रस का संक्षेप में उदाहरण अथवा परिभाषा लिखिए।
हर्ष रस अथवा 'द्वार' रस का स्थायी भाव के साथ उदाहरण परिभाषा लिखिए।