निर्जलीकरण एक भौतिक विधि है जिसका उपयोग खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक संरक्षित करने के लिए किया जाता है। इस विधि में, पानी को खाद्य पदार्थों से हटा दिया जाता है, जिससे उनके जीवनकाल में वृद्धि होती है और वे लंबे समय तक ताजे रहते हैं। यह प्रक्रिया खाद्य पदार्थों की स्थिरता को बढ़ाती है और उनकी पोषण सामग्री को बचाए रखती है।
निर्जलीकरण के दौरान, पानी के वाष्पीकरण के द्वारा खाद्य पदार्थ से नमी निकाल दी जाती है, जिससे बैक्टीरिया और फफूंद जैसे सूक्ष्मजीवों की वृद्धि रुक जाती है। इससे खाद्य पदार्थों का शेल्फ जीवन बढ़ जाता है, और इन्हें बिना ठंडा किए लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
इसके अलावा, गहरी हिमीकरण (Deep Freezing), पाश्चुरीकरण (Pasteurization), और खमीरीकरण (Fermentation) जैसी प्रक्रियाएँ रासायनिक या जैविक विधियाँ हैं, जो खाद्य पदार्थों के संरक्षण के लिए काम आती हैं।
- गहरी हिमीकरण में तापमान को बहुत कम कर दिया जाता है ताकि खाद्य पदार्थों की बायोलॉजिकल गतिविधि को पूरी तरह से रोक दिया जा सके।
- पाश्चुरीकरण में खाद्य पदार्थों को एक निश्चित तापमान पर गर्म किया जाता है ताकि हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाएं, और
- खमीरीकरण में सूक्ष्मजीवों (जैसे यीस्ट और बैक्टीरिया) की मदद से खाद्य पदार्थों को संरक्षित किया जाता है।
इन सभी विधियों में से केवल निर्जलीकरण एक भौतिक प्रक्रिया है, जबकि अन्य रासायनिक या जैविक प्रक्रियाएँ हैं।