Question:

निम्न में कौन उपशास्त्रीय संगीत है ?

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उपशास्त्रीय संगीत में विभिन्न आधुनिक शैलियाँ शामिल होती हैं।
  • ठुमरी
  • ध्रुवपद
  • तराना
  • लक्षण गीत
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

स्पष्टीकरण: तराना उपशास्त्रीय संगीत की एक शैली है, जो तान और ताल के संयोजन से बनती है। - तराना एक अत्यंत जिवंत और उत्साही गायन शैली है, जिसमें तान और ताल के माध्यम से संगीत की लय और गति को उजागर किया जाता है। यह शैली विशेष रूप से उपशास्त्रीय संगीत में उपयोग की जाती है और इसमें सुर और लय का विशेष महत्व होता है। - तान में उच्च-गति से स्वरों का आदान-प्रदान होता है, जो गायन को तेज़ और स्मार्ट बनाता है। इसमें स्वरों का प्रवाह और तान का उडान दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। - ताल का संयोजन तराना को संगीत में लयात्मकता और नृत्यात्मकता प्रदान करता है। यह ताल के क्रम और गति के साथ मेल खाते हुए एक ख़ास प्रकार की संगीतात्मक ऊर्जा का संचार करता है। - तराना गायकी में स्वरयोग के साथ-साथ लय और भावनाओं का भी उत्तम संगम होता है, जिससे संगीत का प्रभाव और अभिव्यक्ति और भी मनोहर हो जाती है। इस प्रकार, तराना उपशास्त्रीय संगीत की एक शैली है, जो तान और ताल के संयोजन से बनती है और संगीत में लयात्मकता एवं उत्साह को व्यक्त करती है।
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