नीचे दो कथन दिए गए हैं: कथन ।: विशेषण एक ऐसा विकारी शब्द है, जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है। कथन II : विशेषण के प्रयोग से जिस संज्ञा का गुण अथवा धर्म प्रकट होता है, उस संज्ञा को वैयाकरण विशेष्य कहते हैं। उपर्युक्त कथन के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:
कथन I सही है: विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, आकार, रंग, संख्या आदि) बताने वाला विकारी शब्द है। उदाहरण: सुंदर घर (यहाँ 'सुंदर' विशेषण है)। कथन II सही है: जिस संज्ञा का गुण या धर्म विशेषण के माध्यम से प्रकट होता है, उसे विशेष्य कहा जाता है। उदाहरण: सुंदर घर (यहाँ 'घर' विशेष्य है और 'सुंदर' विशेषण)
मैं तुमसे हमेशा पाँच साल बड़ा रहूँगा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए।)
अपनी बात चटपट कहो और अपनी राह लो। (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।)
जैसे ही हँसी साठवें की जगह आठवीं लिखा वैसे ही सब नंबर गायब! (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।)
मेरे दरजे में आओगे, तो दोपहर पसीना आ जाएगा। (सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए।)
सफल खिलाड़ी का कोई निशाना खाली नहीं जाता। (मिश्र वाक्य में बदलिए।)