दिये गये निम्नलिखित शब्दों की शुद्ध 'विभक्ति' और 'वचन' बताइये:
'नाने' शब्द में िवभिक्त और वचन ह
‘नाने’ शब्द का रूप एवं विभक्ति-विश्लेषण
\(\textbf{Step 1: शब्द का रूप.}\)
'नाने' शब्द 'नान' धातु से व्युत्पन्न हुआ है। यहाँ यह शब्द धातु 'नान' (जिसका अर्थ है — भेद करना, अलग-अलग होना) से बना है।
\(\textbf{Step 2: विभक्ति पहचान.}\)
'ए' प्रत्यय \(\textbf{तृतीया विभक्ति (Instrumental Case)}\) के बहुवचन का चिन्ह है। इसलिए ‘नाने’ शब्द का रूप तृतीया बहुवचन के अनुसार है।
\(\textbf{Step 3: निष्कर्ष.}\)
अतः ‘नाने’ शब्द \(\textbf{तृतीया विभक्ति, बहुवचन रूप}\) है। इसका अर्थ होगा — “अनेक प्रकारों से” या “भिन्न-भिन्न रूपों से”।
\[ \text{'नाने'} = \text{नान (धातु)} + \text{ए (प्रत्यय)} \;\Rightarrow\; \text{तृतीया विभक्ति, बहुवचन} \]
मैं तुमसे हमेशा पाँच साल बड़ा रहूँगा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए।)
अपनी बात चटपट कहो और अपनी राह लो। (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।)
जैसे ही हँसी साठवें की जगह आठवीं लिखा वैसे ही सब नंबर गायब! (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए।)
मेरे दरजे में आओगे, तो दोपहर पसीना आ जाएगा। (सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए।)
सफल खिलाड़ी का कोई निशाना खाली नहीं जाता। (मिश्र वाक्य में बदलिए।)