दिये गये निम्नलिखित शब्दों की शुद्ध 'विभक्ति' और 'वचन' बताइये:
'नाने' शब्द में िवभिक्त और वचन ह
‘नाने’ शब्द का रूप एवं विभक्ति-विश्लेषण
\(\textbf{Step 1: शब्द का रूप.}\)
'नाने' शब्द 'नान' धातु से व्युत्पन्न हुआ है। यहाँ यह शब्द धातु 'नान' (जिसका अर्थ है — भेद करना, अलग-अलग होना) से बना है।
\(\textbf{Step 2: विभक्ति पहचान.}\)
'ए' प्रत्यय \(\textbf{तृतीया विभक्ति (Instrumental Case)}\) के बहुवचन का चिन्ह है। इसलिए ‘नाने’ शब्द का रूप तृतीया बहुवचन के अनुसार है।
\(\textbf{Step 3: निष्कर्ष.}\)
अतः ‘नाने’ शब्द \(\textbf{तृतीया विभक्ति, बहुवचन रूप}\) है। इसका अर्थ होगा — “अनेक प्रकारों से” या “भिन्न-भिन्न रूपों से”।
\[ \text{'नाने'} = \text{नान (धातु)} + \text{ए (प्रत्यय)} \;\Rightarrow\; \text{तृतीया विभक्ति, बहुवचन} \]
मेरे दरजे में आओगे, तो दोपहर पसीना आ जाएगा। (सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए।)
एक ललित निबंध लिखो जो चार पंक्तियों से कम न हो। (संग पदवृत्त छाँटकर लिखिए।)
निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(i) मुँह लाल होना
(ii) टाँग अड़ाना
अथवा
अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए कोष्ठक में दिए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए :
(तिलमिला जाना, काँप उठना)
पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही \underline{क्रोध में आ गए}।
निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए :
(i) लक्ष्मी का एक झूब्बेदार पूँछ था।
(ii) घर में तख्ते के रखे जाने का आवाज आता है।
(iii) सामने शेर देखकर यात्री का प्राण मानो मुरझा गया।
निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए :
(1) मैं आज रात का खाना नहीं खाऊँगा। (विधानार्थक वाक्य)
(2) मानू इतना ही बोल सकी। (प्रश्नार्थक वाक्य)