Question:

खोजपरक पत्रकारिता' और 'एडवोकेसी पत्रकारिता' में क्या अंतर है?

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याद रखें — {खोजपरक} = तथ्य खोजकर उजागर करना {एडवोकेसी} = किसी विचार/मुद्दे का समर्थन करना
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Solution and Explanation

Concept: पत्रकारिता के विभिन्न रूप समाज में अलग-अलग उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं। खोजपरक पत्रकारिता (Investigative Journalism) का उद्देश्य छिपे हुए तथ्यों को उजागर करना होता है, जबकि एडवोकेसी पत्रकारिता (Advocacy Journalism) किसी विशेष विचार, नीति या सामाजिक मुद्दे के समर्थन में की जाती है। दोनों के दृष्टिकोण, उद्देश्य और कार्यशैली में स्पष्ट अंतर होता है।
1. खोजपरक पत्रकारिता:
इसका मुख्य उद्देश्य छिपी हुई सच्चाइयों, घोटालों या भ्रष्टाचार को उजागर करना होता है।
पत्रकार स्वयं गहन अनुसंधान, दस्तावेज़ों की जाँच और साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करता है।
इसमें निष्पक्षता और तथ्यों की प्रमाणिकता पर विशेष बल दिया जाता है।
यह अक्सर सत्ता, प्रशासन या संस्थानों की जवाबदेही तय करने का कार्य करती है।
2. एडवोकेसी पत्रकारिता:
इसका उद्देश्य किसी विशेष विचारधारा, नीति या सामाजिक मुद्दे का समर्थन करना होता है।
इसमें पत्रकार या मीडिया संस्थान किसी पक्ष का खुलकर समर्थन करते हैं।
तर्क और विश्लेषण के माध्यम से जनमत को प्रभावित करने का प्रयास किया जाता है।
यह सामाजिक परिवर्तन या जागरूकता लाने के लिए प्रयुक्त होती है।
मुख्य अंतर: \begin{tabular}{|p{5cm}|p{5cm}|} \hline खोजपरक पत्रकारिता & एडवोकेसी पत्रकारिता
\hline छिपे तथ्यों का खुलासा करती है & किसी विचार या नीति का समर्थन करती है
\hline निष्पक्षता पर बल & पक्षधरता स्पष्ट होती है
\hline साक्ष्य और अनुसंधान आधारित & तर्क और विचार आधारित
\hline जवाबदेही सुनिश्चित करना लक्ष्य & जनमत निर्माण लक्ष्य
\hline \end{tabular} निष्कर्ष: खोजपरक पत्रकारिता का उद्देश्य सत्य को सामने लाना और समाज में पारदर्शिता स्थापित करना है, जबकि एडवोकेसी पत्रकारिता किसी विशेष विचार या मुद्दे के समर्थन में जनमत तैयार करने का कार्य करती है। दोनों ही लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, परंतु उनकी कार्यशैली और दृष्टिकोण अलग-अलग होते हैं।
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