'गुरुपदेश' शब्द का संधि-विच्छेद 'गुरु' और 'उपदेश' में होता है। 'गुरु' का अर्थ शिक्षक या मार्गदर्शक और 'उपदेश' का अर्थ शिक्षा या निर्देश है।
संधि-विच्छेद में हम एक संयुक्त शब्द को उसके मूल भागों में विभाजित करते हैं। यहाँ 'गुरुपदेश' दो शब्दों से बना है — 'गुरु' और 'उपदेश'।
'गुरु' शब्द का अर्थ होता है वह व्यक्ति जो ज्ञान, अनुभव और बुद्धिमत्ता के आधार पर दूसरों को मार्गदर्शन देता है। 'उपदेश' का अर्थ होता है किसी को सिखाना या सलाह देना, जो जीवन के मार्गदर्शन के लिए आवश्यक होता है।
जब ये दो शब्द मिलकर 'गुरुपदेश' बनाते हैं, तो इसका अर्थ होता है गुरु द्वारा दिया गया उपदेश या मार्गदर्शन। यह शब्द शिक्षण, ज्ञान देने और सही मार्ग दिखाने के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।
इस प्रकार, संधि-विच्छेद से हमें शब्दों के अर्थ को बेहतर समझने में मदद मिलती है और हम भाषा की संरचना को गहराई से जान पाते हैं।