चरण 1: योजना की प्रकृति समझें।
धनलक्ष्मी योजना (2008, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा पायलट) कंडीशनल कैश ट्रांसफ़र कार्यक्रम था—कन्या के जन्म पंजीकरण, टीकाकरण, विद्यालय में नामांकन/हाजिरी और 18 वर्ष से पहले विवाह न करने जैसी शर्तें पूरी करने पर परिवार को नकद प्रोत्साहन दिया जाता था।
चरण 2: विकल्पों का मिलान।
यह नियमित छात्रवृत्ति योजना नहीं थी, न ही कोई बीमा सुरक्षा उत्पाद। "पुरस्कार" एक-बारगी उपलब्धि-आधारित अनुदान होता है, जबकि यहाँ व्यवहार-परिवर्तन हेतु चरणबद्ध प्रोत्साहन दिया जाता था।
चरण 3: निष्कर्ष।
अतः धनलक्ष्मी योजना का संबंध प्रोत्साहन (इन्सेंटिव) से है।