स्पष्टीकरण:
दादरा ताल में कुल 6 मात्राएँ होती हैं। यह ताल एक लोकप्रिय 6-मात्रीय ताल है, जो विशेष रूप से हल्के संगीत रूपों में प्रयोग किया जाता है। दादरा ताल की ताली तीसरी मात्रा पर होती है, जो इसकी विशेषता है।
ताली का यह स्थान ताल की लयबद्धता और गतिशीलता को बनाए रखता है। जब ताली तीसरी मात्रा पर बजती है, तो यह ताल के पूरे धारा को संतुलित और गतिशील बनाए रखता है, जिससे संगीत की धारा निरंतर और सुसंगत बनी रहती है।
दादरा ताल का प्रयोग खासतौर पर भजन, गज़ल, और थुमरी जैसे हल्के संगीत रूपों में किया जाता है, जहाँ इसका हल्का और लयबद्ध प्रभाव गायक और श्रोता दोनों के लिए आनंददायक होता है।
इस प्रकार, दादरा ताल में 6 मात्राएँ होती हैं और ताली तीसरी मात्रा पर होने से यह ताल संगीत में संतुलन और लय की स्थिरता बनाए रखता है।