स्पष्टीकरण:
चारताल में कुल 8 तालियाँ होती हैं, जो इसके विभिन्न विभागों को दर्शाती हैं।
- चारताल एक प्रमुख हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की ताल है जिसमें कुल 8 मात्राएँ होती हैं।
- यह ताल विशेष रूप से ध्रुपद गायकी और अन्य शास्त्रीय गायन शैलियों में प्रयोग होती है।
- चारताल को 8 भागों में विभाजित किया जाता है, और यह ताल अपनी लयात्मक संरचना के लिए प्रसिद्ध है।
- प्रत्येक ताली और खाली का एक विशिष्ट स्थान होता है, जो ताल की लयबद्धता और संगीत की गहरी समझ को प्रकट करता है।
इस प्रकार, चारताल में कुल 8 तालियाँ होती हैं, जो इसके विभिन्न विभागों को और उसकी लय संरचना को दर्शाती हैं।